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US में भारतीय छात्र की मास्टर्स डिग्री पूरी होने में बचे थे 10 दिन; तभी ड्यूटी के दौरान गोली लगने से हुई मौत

World April 21, 2023 रिपोर्टर: shailesh
US में भारतीय छात्र की मास्टर्स डिग्री पूरी होने में बचे थे 10 दिन; तभी ड्यूटी के दौरान गोली लगने से हुई मौत

US में भारतीय छात्र की मास्टर्स डिग्री पूरी होने में बचे थे 10 दिन; तभी ड्यूटी के दौरान गोली लगने से हुई मौत

ओहियो  : संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने गए एक 24 वर्षीय युवक ने गोलीबारी में अपनी जान गंवा दी। दरअसल, यह भारतीय युवक आंध्र प्रदेश का रहने वाला था और यूएस में अपनी मास्टर डिग्री की पढ़ाई पूरी कर रहा था।

अमेरिकी राज्य ओहियो में पुलिस के अनुसार, जिस गैस स्टेशन पर यह काम करता था, वहां पर गोलीबारी हुई, जिस दौरान घायल होकर उसकी मौत हो गई।

पेट्रोल पंप पर काम करता था वीरा

पुलिस की ओर से एक अधिसूचना जारी करते हुए बताया गया, “20 अप्रैल, 2023 को दोपहर 12:50 पर कोलंबस पुलिस अधिकारियों को डब्ल्यू. ब्रॉड सेंट के 1000 ब्लॉक में एक कथित गोलीबारी की खबर मिली। घटनास्थल पहुंचने पर अधिकारियों को पता लगा कि इस घटना में एक युवक पीड़ित हो गया है, जिसकी पहचान साईश वीरा, M/O/24, को गोली लग गई है और वह घायल अवस्था में पड़ा है।”

मृतक की पहचान साईश वीरा के रूप में हुई है और यह घटना गुरुवार को राज्य के कोलंबस डिवीजन में हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वीरा आंध्र प्रदेश का रहने वाला था।

इलाज के दौरान हुई मौत

घटना के बाद, कोलंबस अग्निशमन सेवा के कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने बताया कि पीड़ित को इलाज के दौरान पूरी तरह से निगरानी में रखा गया था, लेकिन फिर भी रात 1.27 पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है।

कोर्स पूरे करने में बचे थे 10 दिन

वीरा के शव को भारत वापस भेजने के लिए एक ऑनलाइन फंड इकट्ठा करने वाले रोहित यालमंचिली के अनुसार, मृतक युवक अपना मास्टर कोर्स कर रहा था और उसे H1B वीजा के तहत चुना गया था। इसके ग्रेजुएशन होने में सिर्फ 10 दिन बचे हुए थे।

पिता की दो साल पहले हो चुकी थी मृत्यु

यलमंचिली ने कहा कि वह कुछ हफ्तों में ही इस काम को छोड़ने वाला था, जहां उसके साथ यह हादसा हुआ। वीरा अपने परिवार का पहला ऐसा सदस्य था, जो पढ़ने के लिए अमेरिका आया था और अपने परिवार के लिए कुछ बेहतर करना चाहता था, क्योंकि उसके पिता की दो साल पहले मृत्यु हो गई थी।

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