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तकनीक आधारित ‘प्रचार ऐप’ से होगी आउटडोर मीडिया मॉनिटरिंग, अब हर होर्डिंग पर रहेगी रीयल-टाइम नजर

Chhattisgarh April 30, 2026 रिपोर्टर: shailesh
तकनीक आधारित ‘प्रचार ऐप’ से होगी आउटडोर मीडिया मॉनिटरिंग, अब हर होर्डिंग पर रहेगी रीयल-टाइम नजर

तकनीक आधारित ‘प्रचार ऐप’ से होगी आउटडोर मीडिया मॉनिटरिंग, अब हर होर्डिंग पर रहेगी रीयल-टाइम नजर

रायपुर : सरकार की योजनाओं, कार्यक्रमों और नई पहलों के प्रचार-प्रसार में आउटडोर मीडिया एक अत्यंत प्रभावी माध्यम के रूप में स्थापित है। इसमें होर्डिंग्स, यूनिपोल्स, ब्रांडिंग, डिजिटल वॉल पेंटिंग्स और एलईडी वैन अभियान शामिल हैं। हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों, बस स्टॉप्स तथा प्रमुख यातायात मार्गों जैसे उच्च आवागमन वाले स्थानों पर इसका प्रभाव विशेष रूप से अधिक होता है।

आउटडोर मीडिया के क्षेत्र में प्रभावी मॉनिटरिंग एक बड़ी चुनौती रही है। कई मामलों में यह शिकायतें सामने आई हैं कि वेंडर्स द्वारा सरकारी विज्ञापनों की स्थापना में देरी की गई या निगरानी के अभाव में उन्हें समय से पहले हटाकर उनकी जगह व्यावसायिक विज्ञापन लगा दिए गए।

इस समस्या के समाधान के लिए जनसंपर्क विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक पहल करते हुए प्रौद्योगिकी आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम ”प्रचार ऐप” विकसित किया गया है। यह प्रणाली तीन चरणों में कार्य करती है। पहले चरण में विभाग प्रचार अभियान की योजना बनाती है, पैनल में शामिल एजेंसियों और उनके एसेट्स का चयन कर प्रचार अभियान कार्य आवंटित करती है। दूसरे चरण में वेंडर्स प्रचार अभियान की समीक्षा कर क्रियान्वयन की योजना बनाती है और एसेट्स को माउंटर्स को सौंपती है। तीसरे चरण में माउंटर्स मैदानी स्तर पर निर्धारित स्थानों पर क्रिएटिव सामग्री स्थापित करती है।

रीयल-टाइम निगरानी सुनिश्चित करने के लिए माउंटर्स हेतु एक एंड्रॉइड ऐप विकसित किया गया है। इसके माध्यम से माउंटर्स को जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प्ड फोटो तीन चरणों में अपलोड करना अनिवार्य किया गया है-स्थापना से पहले, स्थापना के तुरंत बाद, और अभियान अवधि के दौरान प्रतिदिन कम से कम एक बार। इन तस्वीरों की पहले वेंडर एजेंसी द्वारा समीक्षा की जाती है और फिर उन्हें ऑनलाइन विभाग को भेजा जाता है।

यह एंड-टू-एंड प्रणाली पारदर्शिता को सुनिश्चित करती है और विभाग को सभी सक्रिय अभियानों की लगभग वास्तविक समय में जानकारी उपलब्ध कराती है। इससे प्रत्येक आउटडोर एसेट की अलग-अलग ट्रैकिंग संभव हो पाती है और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।

इसी क्रम में जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल ने मंगलवार, 28 अप्रैल  को पैनल में शामिल सभी एजेंसियों के साथ एक कार्यशाला आयोजित की। उन्होंने आउटडोर मीडिया की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए तकनीक आधारित ”प्रचार ऐप” समाधान अपनाने पर विशेष जोर दिया।

यह नई प्रणाली 01 अप्रैल 2026 से होर्डिंग्स और यूनिपोल्स के लिए लागू की जा चुकी है और जल्द ही इसे एलईडी स्क्रीन, ब्रांडिंग तथा डिजिटल वॉल पेंटिंग्स जैसे अन्य प्रारूपों तक भी विस्तारित किया जाएगा। इसी तरह प्रिंटिंग पर काफी शिकायतें सामने आ रही थीं, इन शिकायतों के कारण टेंडर प्रक्रिया रद्द कर दी गई है। नई प्रिंटिंग पॉलिसी यथा-शीघ्र लागू की जावेगी। इस हेतु बेहतर एवं पारदर्शी पॉलिसी लागू करने के लिए विभिन्न राज्यों की मुद्रण नीतियों का अध्ययन किया जा रहा है।

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