लॉगिन

जग्गी हत्याकांड : हाई कोर्ट से अमित जोगी को बड़ा झटका, 3 हफ्ते में करना होगा सरेंडर

Chhattisgarh April 2, 2026 रिपोर्टर: shailesh
जग्गी हत्याकांड : हाई कोर्ट से अमित जोगी को बड़ा झटका, 3 हफ्ते में करना होगा सरेंडर

जग्गी हत्याकांड : हाई कोर्ट से अमित जोगी को बड़ा झटका, 3 हफ्ते में करना होगा सरेंडर

रायपुर : छत्तीसगढ़ के चर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड मामले में आज हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है. जिसमें अमित जोगी को 3 हफ्ते के अंदर सरेंडर करने का आदेश दिया है. यह फैसला हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने सनाया है. मामले में सीबीआई ने 11000 पन्ने की जांच रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें जोगी के खिलाफ भी चार्ज लगा है. हालांकि कोर्ट ने पहले इस केस में अमित जोगी को बरी कर दिया था, लेकिन इस केस को दोबारा ओपन किया गया.

दरअसल, साल 2003 में एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिससे पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई थी. इस मामले में 2007 में निचली अदालत ने 28 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जबकि अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था.

2003 में हुआ था जग्गी हत्याकांड

बता दें कि 4 जून, 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिसमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे. वहीं 28 लोगों को सजा मिली थी, जबकि अमित जोगी को बरी कर दिया गया था. इसके बाद रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिस पर जोगी के पक्ष में स्टे लगा था. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने केस को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट भेज दिया.

कौन थे रामावतार जग्गी?

रामावतार जग्गी, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के बेहद करीबी थे. जब शुक्ल कांग्रेस छोड़कर एनसीपी में शामिल हुए तो जग्गी भी उनके साथ गए। विद्याचरण ने जग्गी को छत्तीसगढ़ में एनसीपी  का कोषाध्यक्ष बना दिया था.

बिना सुनवाई के अवसर दिए दोषी करार दिया – अमित जोगी

वहीं हाई कोर्ट का फैसला सामने आने के बाद अमित जोगी ने सोशल मीडिया अकांउट X पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि- आज माननीय उच्च न्यायालय ने मेरे विरुद्ध सीबीआई की अपील को मात्र 40 मिनट में स्वीकार कर लिया. बिना सुनवाई का अवसर दिए. मुझे खेद है कि जिस व्यक्ति को अदालत ने दोषमुक्त किया था, उसे बिना सुनवाई का एक भी अवसर दिए दोषी करार दिया गया.

खबर शेयर करें:

This will close in 20 seconds