छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र : नए भवन मे राज्यपाल का अभिभाषण, पहली बार राष्ट्रगीत के सभी पद गाए गए

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र सोमवार 23 फरवरी से नया रायपुर में बने भवन में शुरू हुई। नए भवन में नई परंपरा के साथ राष्ट्रगीत वंदेमारत के सभी पदों का गायन हुआ। दसके बाद राज्यपाल का अभिभाषण शुरू हुआ।

राज्यपाल ने दी राज्य स्थापना और रजत जयंती की बधाई

अपने अभिभाषण की शुरुआत में राज्यपाल रमेन डेका ने राज्य स्थापना दिवस की यात्रा को याद करते हुए प्रदेशवासियों को रजत जयंती वर्ष की बधाई दी। उन्होंने कहा कि 25 वर्षों की उपलब्धियां प्रदेश को नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रही हैं। बजट सत्र में शामिल हुए कवासी लखमा सदन में पहुंचते ही सत्तापक्ष और विपक्ष के सभी विधायकों से मिले।

नए विधानसभा भवन की सराहना

राज्यपाल ने नए विधानसभा भवन को आधुनिकता, गरिमा और लोकतांत्रिक परंपराओं का प्रतीक बताते हुए इसकी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि, यह भवन आने वाले दशकों में छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का साक्षी बनेगा।

विकसित छत्तीसगढ़ की ओर सफर शुरू

अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने विकसित राज्य बनने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, ‘हम 2047 तक विकसित राज्य का सपना पूरा करेंगे। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में विकास की असीम संभावनाएँ हैं और सरकार इन्हें साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

समावेशी विकास पर सरकार का फोकस

राज्यपाल ने कहा कि सरकार का ध्यान ऐसा छत्तीसगढ़ बनाने पर है जहाँ विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। सामाजिक, आर्थिक और ग्रामीण क्षेत्रों में संतुलित विकास को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि प्रदेश हर क्षेत्र में मजबूत बन सके।

महिलाओं को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता

अभिभाषण में राज्यपाल ने ‘मातृशक्ति’ को सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर बताया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष को महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जो महिला सम्मान और सशक्तिकरण को नई दिशा देगा।

कृषि और किसानों के लिए बड़े कदम

राज्यपाल ने बताया कि सरकार ने 25 लाख से अधिक किसानों से धान खरीदी की है और उन्हें 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। इसके साथ ही कृषक उन्नति योजना के तहत होली से पूर्व 10 हजार करोड़ रुपये किसानों के खातों में दिए जाएंगे। किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने की दिशा में 2 वर्षों में 21 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए गए हैं। राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि किसानों की आय के साथ मिट्टी की गुणवत्ता भी मजबूत हो।

पशुपालन और डेयरी सेक्टर को मजबूती

सरकार पशुपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए इसे बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। राज्यपाल ने बताया कि दूध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालन को लाभकारी बनाने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं।

सिंचाई परियोजनाएं विकसित छत्तीसगढ़ की रीढ़

राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कृषि विकास का आधार सिंचाई परियोजनाएँ हैं। उन्होंने बताया कि ‘राज्य में 30 लाख 76 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो रही है।’ इससे कृषि उत्पादन में वृद्धि हो रही है और किसान अधिक आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

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