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गुरुकुल परंपरा एवं नैतिक शिक्षा के समन्वय पर बल : रूपनारायण सिन्हा

Chhattisgarh February 13, 2026 रिपोर्टर: shailesh
गुरुकुल परंपरा एवं नैतिक शिक्षा के समन्वय पर बल : रूपनारायण सिन्हा

गुरुकुल परंपरा एवं नैतिक शिक्षा के समन्वय पर बल : रूपनारायण सिन्हा

रायपुर : आधुनिक शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों एवं शिष्टाचार का समावेश अत्यंत आवश्यक है। गुरुकुल परंपरा की मूल भावना को अपनाते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देना समय की आवश्यकता है।उक्त विचार श्री रूपनारायण सिन्हा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा पीएम श्री प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला अखरा (पाटन), जिला दुर्ग के वार्षिकोत्सव एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए गए।

श्री सिन्हा ने कहा कि पीएम श्री विद्यालय की संकल्पना माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में की गई है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधायुक्त, गुणवत्तापूर्ण एवं समग्र शिक्षा प्रदान करना है। इस पहल के अंतर्गत शिक्षा के साथ-साथ संगीत, खेल एवं योग जैसी गतिविधियों को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जितेंद्र वर्मा द्वारा की गई। अतिथियों का शाला प्रबंधन समिति द्वारा पुष्पगुच्छ, शाल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया गया।

वार्षिकोत्सव के अवसर पर विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना, योगासन एवं विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रभावी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, खेल एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को मेडल, ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह में जनप्रतिनिधिगण, शाला प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षकगण एवं अभिभावकगण उपस्थित रहे।

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