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पहलाजानी हॉस्पिटल और माता लक्ष्मी नर्सिंग होम प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज, हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर बच्चा बदलने का लगा था आरोप

Chhattisgarh February 8, 2026 रिपोर्टर: shailesh
पहलाजानी हॉस्पिटल और माता लक्ष्मी नर्सिंग होम प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज, हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर बच्चा बदलने का लगा था आरोप

पहलाजानी हॉस्पिटल और माता लक्ष्मी नर्सिंग होम प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज, हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर बच्चा बदलने का लगा था आरोप

रायपुर। पहलाजानी हॉस्पिटल और माता लक्ष्मी नर्सिंग होम प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुआ है। साल 2023 में हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर बच्चा बदलने का आरोप लगा था। पीड़ित परिजनों की शिकायत के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। जहां सुप्रीमकोर्ट के निर्देश पर एफआईआर हुई है।

जानकारी के मुताबिक, परिजनों ने आरोप लगाया कि बिना जानकारी गर्भवती मां को ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया। प्रसव के बाद जुड़वा बच्चे हुए। जब बच्चा दिखाया तो वह अलग दिख रहे थे। बच्चों की अदला बदली का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार हाइकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गया।

दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले के बचेली निवासी अशोक कुमार सिंह और उनकी पत्नी उषा सिंह साल 2022 में संतान प्राप्ति के लिए रायपुर के अनुपम नगर स्थित माता लक्ष्मी नर्सिंग होम पहुंचे थे। यहां संचालित पहलाजनी टेस्ट ट्यूब बेबी एंड सरोगेसी सेंटर में डॉक्टरों ने आईवीएफ प्रक्रिया के जरिए संतान होने का आश्वासन दिया।

अक्टूबर 2022 में पहली बार आईवीएफ प्रक्रिया की गई, जिसमें उषा सिंह गर्भवती हुईं, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से दिसंबर 2022 में गर्भपात कराना पड़ा। इसके बाद अप्रैल 2023 में दोबारा आईवीएफ प्रक्रिया कराई गई। जांच में गर्भ में जुड़वा बच्चों की पुष्टि हुई। 25 दिसंबर 2023 को बिना परिजनों की पूर्व जानकारी के उषा सिंह को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया।

डिलीवरी के बाद उषा सिंह ने परिजनों को बताया कि ऑपरेशन थिएटर में उन्होंने एक लड़का और एक लड़की को जन्म दिया है, लेकिन कुछ समय बाद जो नवजात सौंपे गए, वे अलग प्रतीत हुए। परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्चों की अदला-बदली की गई है। इस पर प्रबंधन और इलाज कर रहे डॉ. नीरज पहलाजनी व डॉ. समीर पहलाजनी ने इसे गलतफहमी बताया। संदेह गहराने पर अशोक कुमार सिंह ने निजी एजेंसी से डीएनए जांच कराई। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।

सुनवाई के दौरान प्रस्तुत तथ्यों को गंभीर मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रायपुर एसपी को निर्देश दिया कि शिकायत को एफआईआर के रूप में दर्ज कर माता लक्ष्मी नर्सिंग होम, पहलाजनी टेस्ट ट्यूब बेबी एंड सरोगेसी सेंटर, उसके संचालकों, संबंधित डॉक्टरों और पैथोलॉजी लैब मेट्रोपोलिस की भूमिका की जांच की जाए। अब इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई है।

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