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अब पुलिस भी सुरक्षित नहीं…वाहनों पर लगाई जा रही लोहे की जालियां, पथराव से बचने के लिए किए जा रहे इंतजाम

Chhattisgarh January 20, 2026 रिपोर्टर: shailesh
अब पुलिस भी सुरक्षित नहीं…वाहनों पर लगाई जा रही लोहे की जालियां, पथराव से बचने के लिए किए जा रहे इंतजाम

अब पुलिस भी सुरक्षित नहीं…वाहनों पर लगाई जा रही लोहे की जालियां, पथराव से बचने के लिए किए जा रहे इंतजाम

रायपुर : इन दिनों पुलिस के शासकीय वाहनों और पेट्रोलिंग गाड़ियों पर लोहे की मजबूत जालियां लगाई जा रही हैं. इसे पुलिसकर्मियों की सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है. हाल के महीनों में राज्य के कई जिलों में भीड़ द्वारा पुलिस पर हमला, वाहनों पर पथराव और लाठियां बरसाने जैसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें कई जवान घायल हुए. इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक पुलिस मुख्यालय स्तर से इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. इसके बाद थानों और पुलिस लाइनों में उपलब्ध सरकारी वाहनों के साथ-साथ पेट्रोलिंग गाड़ियों पर भी लोहे की जालियां लगाई जा रही हैं. उद्देश्य साफ है कि, कानून-व्यवस्था के दौरान अचानक होने वाले हमलों से जवानों को सुरक्षित रखना.

अफसरों की गाड़ियों पर भी लगेंगी जालियां

सूत्र बताते हैं कि यह व्यवस्था केवल थानों की पेट्रोलिंग गाड़ियों तक सीमित नहीं रहेगी. राजपत्रित अधिकारियों की शासकीय गाड़ियों पर भी सुरक्षा जालियां लगाने के निर्देश दिए गए हैं. इसे जल्द अमल में लाया जा सकता है, ताकि संवेदनशील इलाकों में अफसरों की आवाजाही के दौरान जोखिम कम किया जा सके.

किराए की गाड़ियों पर बढ़ेगी चुनौती

सबसे बड़ी चुनौती उन वाहनों को लेकर सामने आ सकती है, जिन्हें पुलिस विभाग किराए पर लेकर पेट्रोलिंग और कानून-व्यवस्था के काम में लगाता है. महंगी निजी गाड़ियां विभाग में किराए पर दी जाती हैं. यदि इन पर भी लोहे की जालियां लगाने के आदेश लागू होते हैं, तो वाहन मालिकों के लिए यह फैसला असहज हो सकता है, हालांकि सुरक्षा के लिहाज से देखा जाए तो इन गाड़ियों में भी पुलिस अधिकारी और जवान ही सवार रहते हैं. ऐसे में उनकी सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी मानी जा रही है, जितनी विभागीय वाहनों में तैनात कर्मियों की.

ड्राइवरों के लिए परेशानी भी

कई मामलों में सामने की ओर लगी जालियों के कारण वाहन चालकों को रात के साथ-साथ दिन में भी देखने में दिक्कत होती है. खासकर संकरे रास्तों और तेज रफ्तार में यह समस्या और बढ़ जाती है. इसके बावजूद सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस व्यवस्था को जरूरी माना जा रहा है. हालांकि, सामने की जालियों को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर पुराने समय के वाहनों की तरह ऊपर उठाया जा सके, ताकि ड्राइविंग में ज्यादा बाधा न आए.

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