2025 में बड़ी सफलता: 272 नक्सलियों का सरेंडर, अपराध दर घटी, 2026 का रोडमैप तय

दंतेवाड़ा : नक्सल विरोधी अभियान के तहत वर्ष 2025 पुलिस के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है, जहां कुल 272 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया जिन पर 2 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था, जबकि 2024 में 234 नक्सलियों पर महज 90 लाख का इनाम था—यह दर्शाता है कि अब बड़े कैडर भी मुख्यधारा में लौट रहे हैं; आत्मसमर्पित नक्सलियों के बैंक खाते,
कौशल विकास प्रशिक्षण, राशन कार्ड और बस पास जारी कर पुनर्वास किया जा रहा है, वहीं UAPA व अन्य मामलों में 35 नक्सलियों की गिरफ्तारी (17 लाख इनामी) और मुठभेड़ों में 4 नक्सलियों के न्यूट्रलाइज होने से सुरक्षा को बड़ा बल मिला; DRG दंतेवाड़ा ने CRPF सहित संयुक्त अभियानों में अहम भूमिका निभाई,
जहां ऑपरेशन ब्लैकफॉरेस्ट समेत कार्रवाइयों में प्रतिबंधित CPI (माओवादी) के शीर्ष कैडर जैसे बसवराजू और गौतम को न्यूट्रलाइज करने में योगदान रहा—उत्कृष्ट प्रदर्शन पर जवानों को PMG, केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक, छत्तीसगढ़ शौर्य पदक और आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिले; सुरक्षा सुदृढ़ होने से गंभीर अपराध ~7%, अन्य अपराध 8.8% और चोरी 14% घटे, कुल 397 अपराधी जेल भेजे गए;
पुलिस प्रशिक्षण से जांच दक्षता बढ़ी और साइबर अपराध पर सख्ती में 13 केसों में 24 आरोपी देश के विभिन्न राज्यों से गिरफ्तार हुए—2024 की तुलना में 5 गुना अधिक—और सभी के फिंगरप्रिंट NAFIS में दर्ज किए गए; 2026 के लक्ष्य स्पष्ट हैं—मार्च 2026 तक सशस्त्र माओवाद का पूर्ण उन्मूलन, सड़क हादसों में कमी, साइबर जागरूकता व त्वरित कार्रवाई, और DIAL 112 सेवा का क्रियान्वयन।