IMF के प्रबंध निदेशक ने जताई दूसरे शीत युद्ध की आशंका, कहा- इसके परिणाम हो सकते हैं गंभीर

वाशिंगटन : अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा कि विश्व में बढ़ते वैश्विक व्यापार तनाव के गंभीर परिणाम को रोकने के लिए देशों को और अधिक प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इससे दूसरे शीत युद्ध को रोकने में मदद मिलेगी। जार्जीवा ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, मैं उन लोगों में से हूं जो जानते हैं कि शीत युद्ध के परिणाम क्या होते हैं। यह दुनिया में प्रतिभा और योगदान के लिए नुकसान हो सकता है।

एक और शीत युद्ध नहीं देखना चाहती-जॉजीवा

उन्होंने जोर देकर कहा कि मैं एक बार और शीत युद्ध को देखना नहीं चाहती हूं। उन्होंने कहा कि विश्व बैंक और आईएमएफ जैसे बहुपक्षीय संस्थानों को दुनिया को गंभीर आर्थिक परिणामों के साथ अलग-अलग ब्लॉकों में बंटने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।

अर्थव्यवस्था हो सकती है छोटी

मालूम हो कि इस सप्ताह के शुरू में ही आईएमएफ ने अपने एक रिपोर्ट में बताया था कि ब्रेक्सिट, यूएस-चीन व्यापार युद्ध और यूक्रेन पर रूसी आक्रमण जैसी घटनाओं के परिणामस्वरूप बढ़ते व्यापार विखंडन से वैश्विक अर्थव्यवस्था सात प्रतिशत छोटी हो सकती है। जॉर्जीवा ने कहा कि अपने नागरिकों के “हितों की रक्षा” करने के लिए नीति निर्माताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि अगर हम अधिक तर्कसंगत होने में विफल रहते हैं, तो हर जगह लोगों की स्थिति खराब होती जाएगी।

मालूम हो कि बैंक के निवर्तमान अध्यक्ष डेविड मलपास ने कहा कि विश्व बैंक और आईएमएफ के लिए कई प्रमुख मुद्दों पर प्रगति की गई है। उन्होंने कहा कि बुधवार को ऋण गोलमेज चर्चा के दौरान भी प्रगति हुई। पहली बार, इन वार्ताओं में न केवल लेनदार देश बल्कि निजी क्षेत्र और जाम्बिया, घाना, इथियोपिया और श्रीलंका के प्रतिनिधि भी शामिल थे, जो सभी ऋण चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

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