मेकाहारा अस्पताल में लापरवाही पर हाईकोर्ट ने जताई चिंता, एक बेड पर 2 प्रसूता और नवजातों को रखने के मामले में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी से मांगा जवाब

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा अस्पताल मेकाहारा ‘बीमार’ हो गया है. मेकाहारा अस्पताल में अव्यवस्था पर हाई कोर्ट ने चिंता जताई है. गायनिक वार्ड में एक ही बेड पर 2 प्रसूताओं और नवजातों को रखने के मामले पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. हाई कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि मेकाहारा अस्पताल की स्थिति बेहद ही खराब है.

एडिशनल चीफ सेक्रेटरी से मांगा जवाब

राज्य के सबसे बड़े अस्पताल मेकाहारा में अव्यवस्था फैलने पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी से जवाब तलब किया है. अदालत ने 6 नवंबर तक जवाब मांगा है. हाई कोर्ट ने अस्पताल की बुरी स्थिति पर चिंता जाहिर की है. साथ ही कहा है कि अस्पताल में जो घटनाएं सामने आ रही हैं वे बेहद दुखद हैं.

150 बेड वाला वार्ड फुल हो गया

बुधवार को 150 बिस्तर वाले इस वार्ड में बेड फुल हो गया. इसके चलते वार्ड नंबर 5 और 6 में एक-एक बेड पर दो-दो प्रसूताओं को रखा गया है. बच्चों को साथ लिए प्रसूताओं ने बेड के एक-एक हिस्से को सिरहाना बनाया था. इसे लेकर मरीजों के परिजनों ने खासी नाराजगी जताई, लेकिन बेड नहीं होने के कारण उन्हें आखिरकार शांत होना पड़ा.

अस्पताल में औसतन हर घंटे एक डिलिवरी होती है. यानी एक दिन में सीजेरियन-नॉर्मल मिलाकर करीब 24 डिलिवरी होती हैं. अस्पताल के गायनी वार्ड में कुल 150 बेड हैं. किसी प्रसूता को एक दिन तो किसी को एक हफ्ते तक अस्पताल में भर्ती रखना पड़ता है. अब हालत यहां तक पहुंच गई है कि करीब 10 बेड पर दो-दो प्रसूताओं को शिशुओं के साथ सुलाया गया है.

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