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Naseeruddin Shah: हेट स्पीच पर नसीरुद्दीन शाह ने सरकार पर कसा तंज, कहा- चुप्पी का मतलब मौन स्वीकृति होता है

BOLLYWOOD April 12, 2023 रिपोर्टर: shailesh
Naseeruddin Shah: हेट स्पीच पर नसीरुद्दीन शाह ने सरकार पर कसा तंज, कहा- चुप्पी का मतलब मौन स्वीकृति होता है

Naseeruddin Shah: हेट स्पीच पर नसीरुद्दीन शाह ने सरकार पर कसा तंज, कहा- चुप्पी का मतलब मौन स्वीकृति होता है

मुंबई : बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह इंडस्ट्री के सबसे टैलेंटेड एक्टर्स में से एक हैं। नसीरुद्दीन हर मुद्दे पर अपनी बात खुलकर रखते हैं। एक्टर  काफी विचारशील राय रखने वाले अभिनेताओं की लिस्ट में शामिल हैं। अभिनेता की फिल्में आज भी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय रहते हैं। अब हाल ही में, नसीरुद्दीन ने हेट स्पीच पर अपनी राय जाहिर की, उन्होंने इस मुद्दे पर बीजेपी सरकार और पीएम मोदी की चुप्पी को मौन सहमति बताया है।

पीएम मोदी पर कसा तंज

हालिया इंटरव्यू में नसीरुद्दीन ने कहा, इ’स मुद्दे पर सरकार की चुप्पी हैरान करने वाली है और यह स्पष्ट रूप से मौन स्वीकृति का प्रतीक है। यह नफरत हमेशा से रहा है, यह हमेशा भ्रूण रहा है, यह हमेशा खिलने की प्रतीक्षा कर रहा है, और आखिरकार यह हो गया है। यह चीजें मेरी भी समझ से बाहर है।’ अभिनेता ने आगे कहा, ‘यह सब इकट्ठा हो गया है और फूट पड़ा है और राजनीतिक व्यवस्था ने बहुत बुद्धिमानी और बहुत चालाकी से इसे अपने फायदे के लिए इसे इस्तेमाल किया है।’

सरकार को भाषा सुधारने की है जरूरत

इस इंटरव्यू में नसीरुद्दीन से यह भी पूछा गया कि वह हेट स्पीच को लेकर मोदी सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हैं। इस सवाल पर नसीरुद्दीन ने कहा, ‘हम उन्हें उल्टा लटका देंगे।’  इस तरह की भाषा बिल्कुल चौंकाने वाली है। मुझे नहीं लगता कि इस देश में राजनीतिक संवाद अब की तुलना में कम रहा है। मैं नरसंहार और ‘मुसलमानों को देखते ही मार डालने’ के इन उन्मादी बयानों को बिल्कुल भी गंभीरता से नहीं लेता हूं।’

पीएम को बताया शातिर

आगे नसीरुद्दीन ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘वह बहुत ही चालाक आदमी हैं, जिस तरह से उन्होंने जनता के सामने अपनी इमेज बनाई है, वह काबिल-ए-तारीफ है।  इस मामले में वह अकेले नहीं हैं, बल्कि उनकी सेना भी है, जो उन्हीं के जैसी भाषा बोलती है। सभा आपसी तालमेल से काफी शातिर भाषा बोलते हैं।’ यही नहीं अभिनेता ने मोदी पर तंज कसते हुए कहा, ‘वह आदमी जो एक गुफा में ध्यान करता है, एक आदमी जो किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता, वह आदमी जो सबका विकास और सबका प्रयास की बात करता है, लेकिन इसका एक शब्द भी मतलब नहीं है।’

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