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छत्तीसगढ़ में ‘सूर्य घर’ क्रांति, ‘जीरो बिजली बिल’ से आत्मनिर्भरता की ओर

Chhattisgarh October 14, 2025 रिपोर्टर: shailesh
छत्तीसगढ़ में ‘सूर्य घर’ क्रांति, ‘जीरो बिजली बिल’ से आत्मनिर्भरता की ओर

छत्तीसगढ़ में ‘सूर्य घर’ क्रांति, ‘जीरो बिजली बिल’ से आत्मनिर्भरता की ओर

रायपुर : प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अब छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही है। केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल से संचालित इस योजना के अंतर्गत अब आम उपभोक्ता भी “ऊर्जा उत्पादक” बनते जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा दी जा रही अतिरिक्त सब्सिडी ने सोलर पैनल स्थापना को किफायती और आकर्षक बना दिया है।

महेंद्र कुमार साहू का प्रेरक उदाहरण

ग्राम करमतरा निवासी श्री महेंद्र कुमार साहू ने अपने मकान की छत पर 3 किलोवॉट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि इस सिस्टम की कुल लागत लगभग 2 लाख रूपए रही, जिसमें से उन्हें केंद्र सरकार से 78 हजार रूपए की सब्सिडी सीधे बैंक खाते में प्राप्त हुई है, जबकि राज्य सरकार से 30 हजार रूपए की अतिरिक्त सब्सिडी शीघ्र मिलने वाली है। इस सहायता से उन्हें उल्लेखनीय राहत मिली है।

‘जीरो बिजली बिल’ का अनुभव

सोलर सिस्टम लगाए अब एक माह का समय हो चुका है। इस अवधि में उनकी मासिक खपत 248 यूनिट रही, जबकि उनके सोलर पैनल ने 256 यूनिट बिजली का उत्पादन किया, यानी 8 यूनिट अधिक। यह “उत्पादन अधिक, खपत कम” का अनुपात इस योजना की सफलता का जीवंत प्रमाण है। श्री साहू का बिजली बिल अब लगभग शून्य हो गया है।

4 वर्षों में लागत वसूली, 20 वर्षों तक लाभ

श्री साहू का कहना है कि यह निवेश 4 से 5 वर्षों में ही अपनी पूरी लागत वसूल कर लेगा। इसके बाद अगले 20 से 21 वर्षों तक वे मुफ्त और स्वच्छ बिजली का लाभ उठाएँगे। इससे न केवल उनका घरेलू खर्च घटा है बल्कि यह कदम कोयले जैसे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम करने और ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में भी योगदान दे रहा है।

नागरिकों से अपील

श्री महेंद्र साहू ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी नागरिकों से अपील की है कि वे भी इस ऐतिहासिक और पर्यावरण हितैषी योजना से जुड़कर हरित ऊर्जा की दिशा में कदम बढ़ाएँ।

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