कांग्रेस के जिला सचिव सहित चार लोगों पर जानलेवा हमला, हथियारों से लैस बदमाशों ने वारदात को दिया अंजाम

अंबिकापुर : अंबिकापुर में बंग समाज के दुर्गा विसर्जन कार्यक्रम के दौरान बड़ी वारदात हो गई. दुर्गा विसर्जन के समय रात 10 बजे के करीब 10 से 15 हथियार बंद बदमाशों ने कांग्रेस के जिला सचिव दिलीप धर और उनके सहयोगियों के ऊपर जानलेवा हमला कर दिया. जिसकी वजह से दिलीप गंभीर रूप से घायल हो गए. उनके सहयोगी भी घायल हुए, सभी को मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया है. जहां सभी की स्थिति स्थिर बताई जा रही है तो एक घायल की हालत बेहद गंभीर होने के कारण उसे रायपुर रिफर किया जाने की बात सामने आ रही है.

कांग्रेस के जिला सचिव सहित चार लोगों पर जानलेवा हमला

जानकारी के अनुसार अंबिकापुर के भगवानपुर में बंग समाज के द्वारा दुर्गा पूजा का कार्यक्रम हर साल कराया जाता है, रात में दुर्गा विसर्जन का कार्यक्रम था, जिसमें कांग्रेस के जिला सचिव दिलीप अपने सहयोगियों के साथ शामिल हुए थे. तभी एक व्यक्ति उनके पास पहुंचा और किसी बात को लेकर बहस करने लगा और जब विवाद बढ़ा तब चाकू तलवार और अन्य हथियारों से लैस बदमाश मौके पर पहुंच गए और उन्होंने दिलीप पर ताबड़तोड़ हमला करना शुरू कर दिया. बीच-बचाव करने के लिए पहुंचे. उनकी सहयोगियों पर भी लगातार हमला किया गया. जिसकी वजह से दिलीप सहित कुल चार लोग हम भी रूप से घायल हो गए.

घटना के बाद सभी घायलों को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया. जहां सभी के सिर में गंभीर चोट होने की बात सामने आई. कांग्रेस के जिला अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने बताया कि दिलीप धर पहले के कार्यकारिणी में जिला सचिव के पद पर थे फिलहाल उन्होंने अपने जिला अध्यक्ष बनने के बाद कार्यकारिणी का गठन नहीं किया है.

दिलीप धर ने लड़ा था पार्षद का चुनाव

बताया जा रहा है की दिलीप धर ने पार्षद का भी चुनाव लड़ा था, इस दौरान कांग्रेस के ही दूसरे गुट के लोगों ने उनका विरोध किया और इसके वजह से उन्हें चुनाव में हार मिली थी. उनके क्षेत्र में कांग्रेस का दूसरा गुट भी बंग समाज का ही है. जिसे कांग्रेस की कुछ नेता अघोषित तरीके से साथ देते हैं जिसकी वजह से भगवानपुर क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का दो गुट बन गया है और दोनों गुट के नेता स्थानीय स्तर पर आगे बढ़ाने की होड़ में है और यही इस वारदात के पीछे की मुख्य वजह बताई जा रही है.

हालांकि वारदात के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. दिलीप के पुत्र का कहना है कि पुलिस इस पूरे मामले में अगर सही तरीके से जांच करेगी तो आरोपियों का नाम सामने आ जाएगा, हालांकि उन्होंने भी कई लोगों का नाम बताया है जो इस वारदात में शामिल थे.

बता दें कि दशहरा के दिन भी अंबिकापुर में चाकू बाजी की इसी तरह एक और वारदात हुई थी. जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था, इतना ही नहीं एक युवक ने दहशरा के दिन ही पेट्रोल पंप में अपनी प्रेमिका की भी चाकू से वार कर हत्या कर दी थी. अंबिकापुर में लगातार चाकू बाजी की वारदात से लोग दहशत में दिखाई दे रहे हैं क्योंकि अचानक चाकू बाजी की वारदात होने की वजह से लोगों की चेहरे में भी अब खौफ दिख रहा है देखना होगा कि आखिर सरगुजा पुलिस किस तरीके से अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करती है.

टीएस सिंहदेव ने भी चाकू बाजी की वारदात पर जताई चिंता

छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने भी चाकू बाजी की घटनाओ पर चिंता जाहिर की है और सोशल मीडिया अकाउंट में लिखा है कि “अंबिकापुर शहर के अलग-अलग स्थलों पर कल जिस तरह से चाकूबाजी एवं अन्य आपराधिक घटनायें घटी वह साफ इशारा करती है कि दशहरा जैसे खास मौके पर शहर की सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी. हमेशा से हम देखते रहे हैं कि दशहरा पर शहर के प्रमुख चौक-चौराहों सहित ऐसे स्थल जहां भीड़ की संभावना होती है. वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते हैं. पर चोपड़ापारा कालीमंदिर के पास दिनदहाड़े मर्डर और फिर महामाया मन्दिर के समीप चाकूबाजी की घटना ने जिले की लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को बयां कर दिया है.
ऐसी घटनायें स्वस्थ्य समाज के लिये सही नहीं है, राज्य सरकार को कानून व्यवस्था बनाये रखने चाक-चौबंद व्यवस्था करनी चाहिये. केवल दशहरा ही नहीं किसी भी दिन आपराधिक घटनाएं न हो इसकी जिम्मेदारी व जवाबदेही तय होनी चाहिये.

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