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थाने में नशेड़ियों को मिली अनोखी सजा : नशामुक्ति पर लिखवाया गया निबंध, थाने में नशेड़ियो पर नहीं बरसे डंडे

Chhattisgarh September 11, 2025 रिपोर्टर: shailesh
थाने में नशेड़ियों को मिली अनोखी सजा : नशामुक्ति पर लिखवाया गया निबंध, थाने में नशेड़ियो पर नहीं बरसे डंडे

थाने में नशेड़ियों को मिली अनोखी सजा : नशामुक्ति पर लिखवाया गया निबंध, थाने में नशेड़ियो पर नहीं बरसे डंडे

खैरागढ़ : जिले में नशेड़ियों को अब सिर्फ पकड़ा नहीं जाएगा, बल्कि सुधारा भी जाएगा. जिले के एसपी लक्ष्य विनोद शर्मा ने देर रात शराब पीकर हुड़दंग करने वालों को थाने बुलाया और फिर शुरू हुआ ऐसा अनोखा दंड, जिसकी चर्चा हर जगह है.

खैरागढ़ थाने में नशेड़ियों को मिली अनोखी सजा

दरअसल जिला पुलिस ने की नशे के खिलाफ बड़ी मुहिम छेड़ दी है, सड़कों पर हुड़दंग, नशाखोरी और बेवजह आवारागर्दी करने वाले सौ से ज़्यादा युवक देर रात पुलिस के हत्थे चढ़े. लेकिन इस बार थाने में डंडे नहीं बरसे, थमीं रही फाइलें, बल्कि खुलीं कॉपियां और चलने लगे पेन.आदेश साफ था, नशाखोरी के दुष्परिणाम पर निबंध लिखो.

नशेड़ियों से नशामुक्ति पर लिखवाया गया निबंध

कई युवक अनपढ़, कई पढ़े-लिखे, पर सबके लिए चुनौती थी. बिना नकल किए नशे पर निबंध लिखना. हालत ये था कि कुछ तो हाथ जोड़कर कहने लगे साहब, दो डंडे मार लो पर ये मत लिखवाओ.

एसपी लक्ष्य शर्मा ने दी जानकारी

एसपी लक्ष्य शर्मा का मकसद साफ है, नशे में डूबे दिमाग को आईना दिखाना. हाल ही में जिले में नशाखोरी से उपजे विवाद में एक नाबालिग ने अपने ही दोस्त की हत्या कर दी थी. इसी घटना के बाद पुलिस ने अभियान तेज किया. कार्रवाई के तहत कोटपा एक्ट में चालानी कार्रवाई भी हुई, लेकिन सबसे बड़ा संदेश यही गया कि नशे का अंजाम हमेशा विनाशकारी होता है.

खैरागढ़ की ये अनोखी पहल बताती है कि नशे से निपटने के लिए सिर्फ सख़्ती नहीं, रचनात्मक दंड भी ज़रूरी है. सवाल अब हर युवा से क्या डंडे से डरोगे या निबंध लिखकर सुधरोगे.

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