पुलिस ने सुलझाई अंधे क़त्ल की गुत्थी : प्रेमी व पत्नी ने की थी पति की हत्या, पुलिस ने किया गिरफ्तार

दुर्ग। दुर्ग पुलिस ने एक बड़े अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना को 15 किलोमीटर दूर अंजाम दिया गया था ताकि पहचान और साक्ष्य छिपाए जा सकें। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और एसीसीयू टीम की सक्रियता से आरोपियों को बेनकाब कर लिया गया है।

दिनांक 24 अगस्त 2025 को पुलिस चौकी नगपुरा अंतर्गत आंवला बाड़ी क्षेत्र में एक अज्ञात पुरुष (उम्र लगभग 40-45 वर्ष) का शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्यवाही की। मृतक की पहचान के लिए कंट्रोल रूम से आसपास के जिलों में संदेश प्रसारित किए गए और साइबर प्रहरी के माध्यम से मृतक का फोटो वायरल कराया गया। इसी बीच, अंजनी ठाकुर नाम की महिला घटनास्थल पर पहुंची और मृतक को अपना पति धनेश ठाकुर बताया। शव की शिनाख्त होने पर मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि मृत्यु सिर में किसी ठोस वस्तु से चोट लगने के कारण हुई है। इसके बाद अज्ञात आरोपी के विरुद्ध धारा 103 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

पत्नी और प्रेमी की कहानी सामने आई

पुलिस ने जांच को गंभीरता से लेते हुए एसीसीयू और थाना पुलगांव की संयुक्त टीम बनाई। टीम ने लगातार आसपास क्षेत्रों में पूछताछ की और मुखबिरों को सक्रिय किया। तभी जानकारी मिली कि मृतक की पत्नी अंजनी ठाकुर का प्रेम संबंध हरपाल सिंह राजपूत उर्फ छोटू (निवासी सरस्वती नगर, थाना सीटी कोतवाली दुर्ग) से है। पूछताछ में हरपाल ने कबूल किया कि उसका अंजनी से 25 वर्षों से प्रेम संबंध है। मृतक धनेश ठाकुर शराब का आदी था और पिछले दो महीनों से बेरोजगार होकर घर पर रह रहा था। वह शराब पीने के लिए अपनी पत्नी से पैसे मांगता था और न देने पर गाली-गलौज करता था। मृतक का घर पर हमेशा रहना अंजनी और हरपाल के रिश्ते में बाधा बन रहा था। इसी कारण दोनों ने मिलकर धनेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

कैसे दी गई वारदात को अंजाम

22 अगस्त 2025 को योजना के अनुसार, हरपाल सिंह ने अंजनी ठाकुर के स्कूटी (एक्टीवा) में धनेश को बैठाया और उसे शराब पिलाने के बहाने करीब 11 बजे नगपुरा आंवला बगीचे ले गया। वहां धनेश को शराब पिलाई और जब वह नशे में मदहोश हो गया तो हरपाल ने पास पड़े पत्थर से उसके सिर पर पीछे की तरफ जोरदार वार किया। धनेश की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद हरपाल ने अंजनी को फोन कर बताया कि “काम योजना अनुसार कर दिया गया है” और घर लौट गया। शव को 15 किलोमीटर दूर फेंकने से दोनों को लगा कि पुलिस को गुमराह किया जा सकेगा। लेकिन पुलिस की सतर्कता और मुखबिर की सूचना ने सच्चाई उजागर कर दी।

पुलिस टीम का सराहनीय योगदान

इस पूरे मामले का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी पुलगांव निरीक्षक प्रकाशकांत, एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक प्रमोद रूसिया, चौकी प्रभारी मनोज यादव, उप निरीक्षक खेलन साहू सहित एसीसीयू टीम के आरक्षक – नरेन्द्र सहारे, शौकत हयात खान, हिरामन साहू, सनत भारती और अश्वनी यदु का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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