सीएम साय के विदेश दौरे का 7वां दिन : आज ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम में दक्षिण कोरिया के उद्यमियों से करेंगे चर्चा

रायपुर : सीएम विष्णु देव साय के विदेश दौरे का आज 7वां दिन है. वहीं कल उन्होंने दक्षिण कोरिया के सियोल में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेंटर एसोसिएशन (ATCA) के चेयरमैन ली जे जेंग और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट की है. वहीं आज वे ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम के तहत दक्षिण कोरिया के उद्यमियों से चर्चा करेंगे.

आज ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम में शामिल होंगे सीएम साय

सीएम  विष्णु देव साय के विदेश दौरे का आज 7वां दिन है. सीएम साय दक्षिण कोरिया के सियोल में निवेशक गोलमेज बैठकों में सम्मिलित हो रहे हैं. छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति (2024-30) के तहत उद्यमियों के निवेश के लिए आमंत्रित कर रहे हैं. आईटी, इलेक्ट्रॉनिक,सेमीकंडक्टर, फार्मा और टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश आ सकते हैं. इसी के तहत “छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट” कार्यक्रम के तहत दक्षिण कोरिया के उद्यमियों से चर्चा करेंगे.

छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाएं

सीएम साय ने बताया कि राज्य में आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय संस्थान हैं, इन संस्‍थानों से लगातार प्रतिभाशाली लोग निकल रहे हैं. उन्होंने कहा कि राज्य का ‘प्लग एंड प्ले’ इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत लॉजिस्टिक नेटवर्क निवेशकों के लिए बड़ा आकर्षण है. छत्तीसगढ़ को अनुसंधान एवं विकास केंद्रों के लिए उपयुक्त जगह बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां आने वाले समय में आईटी, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद हैं. उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि इससे युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होगा और स्थानीय उद्योगों को नई ऊर्जा मिलेगी.

इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की प्रस्तुति

मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान सियोल में आयोजित “छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट” कार्यक्रम में भी भाग लिया. यह आयोजन इंडियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स इन कोरिया (ICCK) के सहयोग से संपन्न हुआ. इस दौरान साय ने छत्तीसगढ़ को दक्षिण कोरियाई निवेशकों के लिए संभावनाओं से भरी भूमि बताया. उन्होंने कहा कि कोरिया भारत के प्रमुख इस्पात आयातक देशों में से एक है और छत्तीसगढ़ देश का अग्रणी इस्पात उत्पादक राज्य है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ के पास खनिज संपदा की भरपूर मात्रा है, जो ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

This will close in 20 seconds