शासकीय ज़मीन पर अवैध कब्जा करने पर मंत्री निलंबित, न्यायालय आदेश की भी नहीं की थी परवाह

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। धमतरी जिले में पदस्थ शिक्षक ‘मंत्री गाडगे’ को निलंबित कर दिया गया है। हालांकि नाम भ्रामक होने के कारण यह स्पष्ट किया गया है कि ‘मंत्री’ कोई विभागीय मंत्री नहीं बल्कि शासकीय माध्यमिक शाला बालक मडेली में कार्यरत एक शिक्षक हैं। कार्रवाई रायपुर संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा राकेश कुमार पांडेय के निर्देश पर की गई है।

मामले की जानकारी के अनुसार, ग्राम मडेली पब्वारी, तहसील भखारा में स्थित शासकीय घास भूमि (खसरा नंबर 1219, रकबा 0.14 हेक्टेयर) पर 7×6.7 मीटर क्षेत्र में अवैध निर्माण किया गया था। तहसीलदार भखारा द्वारा की गई जांच में यह सामने आया कि भूमि पर अवैध रूप से दो पक्की दुकानें और एक मकान बनाया गया है। इस संबंध में शिकायत मिलने पर तहसील न्यायालय द्वारा निर्माण रुकवाने का आदेश दिया गया था।

मगर आदेश के बावजूद निर्माण जारी रहा। जब न्यायालय में पेशी हुई, तो अनावेदक नंदूराम ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य उसके पुत्र मंत्री गाडगे द्वारा किया गया है। खुद मंत्री गाडगे ने भी कोर्ट में बयान देकर यह स्वीकार किया कि उन्होंने सरकारी जमीन पर निर्माण करवाया है।

इसके बाद न्यायालय द्वारा उन्हें तीन दिनों के भीतर ज़मीन खाली करने का आदेश दिया गया, जिसे लेने से मंत्री गाडगे ने मना कर दिया। इस पूरे मामले को गंभीर अनुशासनहीनता और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के उल्लंघन के रूप में माना गया।

इसके आधार पर रायपुर संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा ने मंत्री गाडगे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा और उनका मुख्यालय शासकीय हाईस्कूल, बांझापाली, विकासखंड सरायपाली, जिला महासमुंद नियत किया गया है।

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