सूबे के कद्दावर मंत्री के रिश्तेदार ने पत्रकार को दी धमकी, अवैध लकड़ी तस्करी की खबर से थे बौखलाए
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सूरजपुर: जिले में लगभग दो-तीन महीने से अन्य राज्यों से आकर लकड़ी तस्करी का कार्य बड़े पैमाने पर लकड़ी तस्करों के द्वारा किया जा रहा है जिसमें स्थानीय कुछ लोगों की मिलीभक्त का भी लगातार सूचना मिल रही थी वही सूरजपुर जिला के कई इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से लेकर समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बावजूद भी सूरजपुर जिला के जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की जाती थी इसके बाद सूरजपुर जिला में पत्रकारों के द्वारा लिखित में सूरजपुर जिला के अनुविभागीय अधिकारी से लेकर सूरजपुर जिला के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, आरटीओ अधिकारी से लेकर वन मंडल अधिकारी को लिखित में पत्र दिया गया कि हमारे जिला में अन्य राज्यों से आकर लकड़ी तस्करों के द्वारा अवैध रूप से लकड़ी तस्करी की जाती है उसमें ठोस कार्यवाही करें और जिसका समाचार लगाने के बाद खबर को शेयर किया जाता था ऐसे ही वरिंदर सिंह जो कि पत्रकार हैं के द्वारा भी समाचार लगाकर अपने मोबाइल में जितने लोग कांटेक्ट में हैं सब को शेयर किया जाता था|
इस बीच सूरजपुर जिला के केदार राजवाड़े के पास भी खबर भेजा जाता था लेकिन 2 दिन पहले केदार राजवाड़े के द्वारा वरिंदर सिंह को रात 7:00 के आसपास व्हाट्सएप के माध्यम से कॉल आया और उन्होंने कहा कि आप खबर हमको क्यों भेजते हो तो वरिंदर सिंह ने कहा की हम सबको खबर भेजते हैं ताकि जो हमारी खबरें ज्यादा से ज्यादा लोग पड़े और शेयर करें लेकिन केदार राजवाड़े के द्वारा वरिंदर सिंह को अभद्र भाषा में बात किया और मां बहन का गाली गलौज करने लगा उसे समय वरिंदर सिंह के पास सूरजपुर जिला के अन्य पत्रकार भी खड़े थे तब पता चला कि यह आदमी जो केदार राजवाड़े गाली गलौज कर रहा है यह कोई और नहीं छत्तीसगढ़ के महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े जी के रिश्तेदार हैं इसीलिए वह पत्रकारों को धमकी दे रहे हैं|
अगर देखा जाए तो छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के द्वारा पत्रकार सुरक्षा कानून की बात कही जाती है और दूसरी और भाजपा की मंत्री के रिश्तेदार पत्रकारों को धमकी दे रहे हैं ऐसे में पत्रकार कहां सुरक्षित हैं वहीं बड़ी पहुंच होने के कारण कहीं वरिंदर सिंह या उसके परिवार को खतरा भी हो सकता है वहीं अगर केदारनाथ राजवाड़े का मोबाइल का कॉल डिटेल निकलवाया जाए तो यह भी साबित हो सकता है कि उनके तार कहां-कहां जुड़े हैं समस्त मीडिया कर्मियों के द्वारा भी मांग किया जा रहा है ताकि यह भी साबित हो जाए की लकड़ी तस्करी में कहीं उनका हाथ तो नहीं है|