नर्सों के चेंजिंग रूम का वीडियो बनाता था अटेंडेंट… मामला सामने आने के बाद जो हो रहा, वो और भी शर्मनाक

खबर छत्तीसगढ़ के भिलाई की है। यहां के प्रतिष्ठित भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के सेक्टर-9 अस्पताल की नर्सों ने आरोप लगाया कि आईसीयू में तैनात अटेंडेंट ने उनके चेंजिंग रूम मोबाइल कैमरा लगा रखा था।

खबर छत्तीसगढ़ के भिलाई की है। यहां के प्रतिष्ठित भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के सेक्टर-9 अस्पताल की नर्सों ने आरोप लगाया कि आईसीयू में तैनात अटेंडेंट ने उनके चेंजिंग रूम मोबाइल कैमरा लगा रखा था। मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस भी शिकायत मिलने का इंतजार कर रही है।

भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के सेक्टर – 9 अस्पताल में महिला चेंजिंग रूम में चोरी-छुपे वीडियो बनाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल के आईसीयू में कार्यरत नर्सों ने बताया कि 25 वर्षीय संविदा अटेंडेंट देवेंद्र चेंजिंग रूम में मोबाइल लगाकर वीडियो बनाता था।

बुधवार को एक संविदा नर्स ने चेंजिंग रूम में कपड़े बदलते समय मोबाइल देखा। उसने तुरंत शोर मचाया, जिससे यह मामला उजागर हुआ। अस्पताल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय इसे रफा-दफा कर दिया। वहीं संविदा अटेंडेंट देवेंद्र को प्रबंधन ने फिलहाल ड्यूटी पर आने से मना कर दिया है।

पहले भी कर चुका है ऐसा काम
नर्सों का कहना है कि संविदा अटेंडेंट देवेंद्र पहले भी इसी तरह की हरकत करते हुए पकड़ा गया था, लेकिन उस समय भी उसे छोड़ दिया गया। नर्सों ने यह भी आरोप लगाया कि वह बार-बार एक ही नर्स का वीडियो बनाता था।
आरोपी देवेंद्र पहले अस्पताल की कैंटीन में काम करता था। बाद में उसे अटेंडेंट की जिम्मेदारी दे दी गई और उसे आईसीयू में रिलीवर के रूप में तैनात किया गया।

जानकारी के मुताबिक, अस्पताल की एक सीनियर नर्स, जो कि इंचार्ज भी हैं, उसने मामले को आईसीयू के इंचार्ज डॉक्टर को बताए बिना ही सुलझाने की कोशिश की। इससे अस्पताल के कर्मचारियों में नाराजगी है।
इतने गंभीर मामले के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने अब तक आरोपी को पुलिस के हवाले नहीं किया। न ही यह पता लगाया गया है कि आरोपी ने वीडियो कहां-कहां भेजे।

बताया जा रहा है कि देवेंद्र के मोबाइल से कई वीडियो बरामद हुए हैं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने मोबाइल को जप्त कर अपने पास रखा हुआ है।

कर्मचारियों की मांग
1. मामले की निष्पक्ष जांच हो।

2. आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

3. अस्पताल में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

4. प्रबंधन के फैसले की समीक्षा हो।

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