तेलंगाना में एक बजे तक 36.68 प्रतिशत मतदान, कामारेड्डी में 45 मिनट तक रुकी वोटिंग

हैदराबाद : तेलंगाना विधानसभा की कुल 119 सीटों के लिए 2,290 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। राज्य के 3.26 करोड़ मतदाता इनकी किस्मत का फैसला करेंगे। राज्य में 35,655 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। राज्यभर में सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक वोटिंग होगी।
दोपहर एक बजे तक 36 फीसदी मतदान
तेलंगाना में दोपहर एक बजे तक 36.68 फीसदी मतदान हुआ है। अभिनेता जगपति बाबू ने हैदराबाद में फिल्म नगर कल्चरल सेंटर पोलिंग स्टेशन में मतदान किया।
ओवैसी ने डाला वोट
एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद में डाला वोट इस दौरान एआईएमआईएम चीफ से जब पूछा गया कि तेलंगाना चुनाव अगले साल होने वाले आम चुनाव की शुरुआत है तो उन्होंने कहा कि हां
, क्योंकि अगले साल फरवरी से चुनाव आयोग चुनाव आचार संहिता लागू कर देगा। मेरी पार्टी तैयार है और एक और महत्वपूर्ण चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।
विजय देवरकोंडा ने डाला वोट
फिल्म अभिनेता विजय देवरकोंडा ने हैदराबाद में डाला वोट।
तेलंगाना की कामारेड्डी विधानसभा सीट पर ईवीएम की खराबी के चलते करीब 45 मिनट तक वोटिंग रुकने की खबर है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बूथ नंबर 253 पर ईवीएम में खराबी आई। हालांकि 45 मिनट बाद वोटिंग फिर से शुरू हो गई।
सीएम केसीआर ने किया मतदान
सीएम केसीआर ने किया मतदान। सीएम के चंद्रशेखर राव ने सिद्दीपेट में मतदान किया।
कोंडल रेड्डी पर बीआरएस कार्यकर्ताओं ने लगाए गुंडागर्दी के आरोप
तेलंगाना में सुबह 11 बजे तक 20.64 प्रतिशत मतदान हुआ है। वहीं तेलंगाना कांग्रेस के अध्यक्ष रेवंत रेड्डी के भाई कोंडल रेड्डी का आरोप है कि ‘जब वह एक बूथ गए थे तो बीआरएस कार्यकर्ताओं ने मुझे रोकने की कोशिश की। मुझ पर हमले की कोशिश की गई। बीआरएस कार्यकर्ताओं की गाड़ियां मेरी कार का पीछा कर रही हैं और मुझे रोकने का प्रयास किया जा रहा है। हमने पुलिस से इसकी शिकायत की है।’
वहीं बीआरएस कार्यकर्ताओं का कहना है कि ‘कोंडल रेड्डी कामारेड्डी के पोलिंग बूथ का दौरा कर रहे हैं जबकि वह यहां के मतदाता भी नहीं हैं। कोंडल रेड्डी फर्जी पास लेकर घूम रहे हैं और रिटर्निंग अफसर से बातचीत कर रहे हैं। पुलिस भी उन्हें नहीं रोक रही है। वह गुंडागर्दी कर रहे हैं। हमें पता चला है कि उनके साथ के लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है लेकिन हिरासत में लेने के 10 मिनट बाद ही उन्हें छोड़ दिया गया। हम चुनाव आयोग से इसकी शिकायत करेंगे।’