21 साल पहले एक्सीडेंट में 4 लोगो की हुई थी मौत, दोषी ट्रेक्टर चालाक को अब मिली सजा  

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सड़क हादसे में चार लोगों की मौत और सात के घायल होने के मामले में दोषी ट्रैक्टर चालक की क्रिमिनल रिवीजन अपील खारिज कर दी है। ट्रायल कोर्ट से मिली सजा की समीक्षा करते हुए जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की एकलपीठ ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार चालकों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए, क्योंकि देश अब तेजी से बढ़ते मोटराइजेशन और सड़क पर होने वाली मौतों के बढ़ते बोझ का सामना कर रहा है।

न्यायालय ने कहा कि सड़क हादसों में किसी परिवार का कमाने वाला या सदस्य खोने का दर्द शब्दों में नहीं बताया जा सकता। इससे परिवार को वित्तीय नुकसान के साथ भावनात्मक और सामाजिक आघात झेलना पड़ता है। अदालत ने आरोपी चालक की अपील को निराधार बताते हुए यह भी कहा कि वह बिना ड्राइविंग लाइसेंस और बिना बीमा के वाहन चला रहा था। अब आरोपी को 21 साल बाद अपनी सजा भुगतने के लिए जेल जाना पड़ेगा।

मामला 11 जुलाई 2004 की रात का है। रायगढ़ जिले के गांव कोटरीमल निवासी उदयचंद पटेल ट्रैक्टर (क्रमांक एमपी-26-ई-5029) और ट्रॉली (क्रमांक एमपी-26-ई-5030) चला रहा था, जिसमें 19 लोग सवार थे। रात करीब 9 बजे बिलाई पुलिया, गांव लारीपानी के पास उसने वाहन तेज और लापरवाही से चलाया, जिससे ट्रॉली पलट गई। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई और सात गंभीर रूप से घायल हुए। इस मामले में जेएमएफसी कोर्ट ने 2010 में चालक को दोषी ठहराते हुए दो माह और छह माह की सजा के साथ जुर्माना लगाया था।

आरोपी ने पहले सत्र न्यायालय में अपील की, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली। अंततः उसने हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन दायर की, जिसे अब न्यायमूर्ति राधाकिशन अग्रवाल ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी ने रात में बिना हेडलाइट जलाए तेज रफ्तार से गाड़ी चलाई और मोड़ पर नियंत्रण खो दिया। इससे यह साफ है कि हादसा उसकी लापरवाही से हुआ। अदालत ने माना कि निचली अदालतों के निष्कर्ष सही और सबूतों पर आधारित हैं, इसलिए किसी तरह की राहत देने का कोई आधार नहीं है।

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